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अंदरूनी बुखार का कारण
बुखार हमारे शरीर की एक डिफेंस मेकैनिज्म प्रक्रिया होती है। अंदरूनी बुखार क्यों होता है ? जब हमारे शरीर में कोई बाहरी संक्रमण बैक्टीरिया हो या वायरस शरीर में प्रवेश करता है, तो हमारे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली उस बाहरी बॉडी को मारने के लिए शरीर की तापमान बढ़ाती है। तापमान बढ़ने के कारण वह सरवाइव नहीं कर पता है, जिससे उसकी मौत हो जाती है।
कुछ लोगों में थर्मामीटर से बुखार नापने पर रीडिंग 98.6⁰F से कम ही आता है, फिर भी उनको अंदर से बुखार जैसा महसूस होता है। बुखार की पहचान हमारे शरीर की नार्मल तापमान 98.6⁰F से अधिक हो जाना है।जिन लोगों को अंदर से बुखार जैसा महसूस होता है, उन लोगों को ठंड और शरीर में दर्द के साथ अन्य कई सारी समस्याएं होती है, जिसको वह अपने डॉक्टर के साथ साझा करते हैं।
अप्रैल, मार्च और मई के महीना में ऐसे कई सारे मरीज आते हैं, जिनको बुखार सर्दी और खांसी के साथ बदन में दर्द और अकड़न भी रहती है। इस महीने में डॉक्टर द्वारा दी जाने वाली एंटीबायोटिक का गलत प्रयोग लोगों में प्रतिरोध का बहुत बड़ा कारण बनती जा रही है। वायरल फीवर में अंदरूनी बुखार क्यों होता है ? डॉक्टर द्वारा दी जाने वाली दवा का गलत प्रयोग संक्रमण को पूरे तरीके से खत्म नहीं कर पाती है।
उपचार के दौरान सिंप्टोमेटिक दवाई पेरासिटामोल और अन्य पेन किलर बुखार की तापमान को कम तो कर देती है, लेकिन दवा छोड़ने के बाद अंदरूनी बुखार बनी रहती है। ज्यादातर अंदरूनी बुखार उपचार शुरू होने के पहले या उपचार खत्म होने के बाद बनी रहती है।
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अंदरूनी बुखार क्यों होता है
अंदर बुखार जैसे लगने के कई सारे कारण हो सकते है, जिसको निम्नलिखित एक – एक कर के बताया गया है।
श्वसन मार्ग का संक्रमण
श्वसन मार्ग में हमारे नाक, गला और फेफड़ा मौजूद होता है, जिसमें होने वाले कई प्रकार के संक्रमण के कारण अंदरूनी बुखार बनी रहती है।
नाक का संक्रम में साइनस संक्रमण या साइनसाइटिस होने वाली एक सामान्य संक्रमण होती है, जो की वायरल संक्रमण के साथ सूजन और इंफेक्शन का कारण बनती है।
अंदरूनी बुखार क्यों होता है? गले में होने वाला संक्रमण फेफड़ों में दाग या कंसोडिलेशन पानी का जमना, ट्यूबरक्लोसिस के साथ-साथ अन्य कई सारी बीमारियां होती है, जिसके कारण अंदरूनी बुखार बनी रहती है।
पेट का संक्रमण
पेट के संक्रमण का कारण अंदरूनी बुखार क्यों होता है। पेट की समस्याओं में आंतों में सूजन, लीवर की समस्या जैसे लीवर में पस (abscess) का बनना, टाइफाइड और अन्य कई सारी समस्याएं होती है, जिसके कारण बुखार जैसी समस्या बनी रहती है।
अंदरूनी बुखार का कारण टायफॉयड भी है। टाइफाइड एक आत्र ज्वर होती है, जिसमें हमारी इंटेस्टाइन संक्रमित हो जाती है। जब साल्मोनेला टाइफी बैक्टीरिया का संक्रमण होता है, तो हमारी आंतों को छती से बचने के लिए हमारी प्रतिष्ठा प्रणाली शरीर की तापमान बढ़ा देती है, जिससे अंदर बुखार महसूस होता है।
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हड्डियों का संक्रमण के कारण अंदरूनी बुखार क्यों होता है
हड्डियों का संक्रमण जिसे ऑस्टियोमाइलाइटिस के नाम से भी जाना जाता है। ऑस्टियोमाइलाइटिस, स्टैफिलोकोकस नाम की बैक्टीरिया से होने वाला एक संक्रमण है। स्टैफिलोकोकस के कारण हड्डियों में होने वाले संक्रमण से बचाने के लिए हमारी प्रतिक्षा प्रणाली शरीर की तापमान बढ़ा देती है।
मूत्र मार्ग का संक्रमण
हमारे मूत्र मार्ग की ऊतक काफी मुलायम और नाजुक होती है। कई सारे जीवाणु संक्रमण पेशाब में गंदगी या गलत तरीके से बाथरूम का उपयोग करने और जननांगों के पास साफ सफाई न रखने की वजह से होती है।
अंदरूनी बुखार क्यों होता है ? हमारे किडनी में पथरी या पेशाब के रास्ते (मूत्रवाहिनी) में पथरी के पास जाने के कारण भी पेशाब में जलन और इन्फेक्शन होने लगती है।
ज्यादातर मामलों में पेशाब में संक्रमण के पीछे ई. कोली (Escherichia coli) नाम की जीवाणु होती है, जिसके कारण पेशाब में जलन और हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली उस बैक्टेरिया को मारने के लिए शरीर का तापमान अन्दर से बढ़ा देती है। पेशाब में होने वाला इन्फेक्शन के कारण बुखार आना सामान्य हो जता है।
थकान होने पर
जब कोई अपने छमता से ज्यादा काम कर देता है, तो उसको हरासमेंट और पूरे शरीर में दर्द होने लगता है। शरीर में थकावट की वजह से अंदर से बुखार जैसा महसूस होता है। थकावट में अंदर से बुखार महसूस होने पर दर्द निवारक दवाओं जैसे: पैरासिटामोल, इबूप्रोफेन खाने पर आराम मिल जाता है।
अप्लास्टिक एनीमिया
अप्लास्टिक एनीमिया हमारे शरीर में विटामिन बी12 की कमी के कारण होती है। अप्लास्टिक एनीमिया में हमारे बोन मैरो में खून का सही से फॉर्मेशन नहीं होता है, जिससे हमारी लाल रक्त कोशिकाएं और श्वेत रक्त कोशिकाएं भी शामिल होती है।
बुखार होने का क्या कारण है? बोन मैरो में श्वेत रक्त कोशिकाओं का पर्याप्त मात्रा में न बनने के कारण हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर पड़ जाती है, जिससे संक्रमण होने की चांस बढ़ जाती है। और अंदरूनी बुखार भी बनी रहती है। श्वेत रक्त कोशिकाएं हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली की एक भाग होती है।